सभी दवाइयों की खुराक बीमारी की जटिलता और व्यक्ति के उम्र तथा वजन पर निर्भर करता है। अगर बीमारी की जटिलता ज्यादा होगी तो दवाइयों की खुराक को भी बढ़ाया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा होता है। उस संदर्भ में भी दवाइयों की खुराक को बढ़ाया जा सकता है। कभी-कभी बीमारियों की जटिलता और व्यक्ति के वजन को देखते हुए दवाइयों की खुराक को दोगुना करना पड़ सकता है। इसके लिए जरूरी है कि दवाइयों के संपूर्ण खुराक को जानने के लिए आप अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।


Health OK Tablet क्या है?

Health ok tablet एक हेल्थ सप्लीमेंट है जिसमें मल्टीविटामिंस के साथ-साथ मल्टीमिनरल का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए इस टेबलेट का उपयोग रोजाना एक टैबलेट एक बार खाने के बाद करना चाहिए।

हेल्थ सप्लीमेंटस जरूरी तत्वो की पूर्ति कर, स्वास्थ को बेहतर बनाये रखने व शरीर की कमजोरी को दूर करने का काम करते है।


Health OK Tablet दुष्प्रभाव/साइड इफेक्ट क्या है?

निम्नलिखित उन संभावित दुष्प्रभावों की सूची है जो Health OK Tablet की सभी संयोजित सामग्रियों से हो सकते है। यह व्यापक सूची नहीं है। ये दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा नहीं होते हैं। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको निम्नलिखित में से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, और यदि ये समाप्त नहीं होते हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

  1. उल्टी
  2. चिड़चिड़ापन
  3. आंत में पित्त स्राव की विफलता
  4. घबराहट
  5. नींद न आना
  6. पेट में दर्द 
  7. सूजन
  8. वात रोग
  9. दमा
  10. सांस लेने में कठिनाई
  11. अवसाद

Health OK Tablet कैसे काम करती है?

Health Ok में मल्टीविटामिन्स ,मल्टीमिनेरल्स होने के कारण ये शरीर में पोषक तत्वो का संतुलन बनाये रखता है।इसके साथ-साथ Health Ok में Taurine व Ginseng होते है, जो प्राकृतिक ऊर्जा वर्धक (energy booster) है।Taurine और Ginseng होने के कारण Health Ok Tablet से एक अच्छी मात्रा में ऊर्जा मिलती है। 


Health OK Tablet के फायदे/लाभ क्या है?

हेल्थ ओके टेबलेट/ Health OK Tablet का इस्तेमाल एक से अधिक बीमारियों तथा उसके रोकथाम के लिए किया जाता है।

  • कमजोरी
  • थकावट
  • खून की कमी
  • मानसिक समस्याएं
  • विटामिन बी की कमी
  • विटामिन डी की कमी
  • सर दर्द
  • त्वचा रोग
  • मांसपेशियों की एंठन


Health OK Tablet की सावधानियां- 

इस दवा का प्रयोग करने से पहले, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है।

  1. आंत्र सूजन
  2. इस दवा को संस्तुत मात्रा में लें
  3. उच्च या कम रक्तचाप
  4. खाली पेट लेने से बचें
  5. उपचार के दौरान नियमित रूप से आंखों की जांच करें।

केओएलक्यू-सी टैबलेट का इस्तेमाल सामान्य जुकाम के लक्षण के इलाज के लिए किया जाता है.. यह नाक में जकड़न से टेम्पररी राहत देता है. यह नाक और पानी की आंखों जैसे एलर्जी के लक्षणों से राहत दिलाने में भी मदद करता है।

KOLQ Tablet क्या है?

KOLQ Tablet सर्दी, सिर दर्द, कान का दर्द, नाक बहना, गीली आँखे, जोड़ दर्द त्वचा की प्रत्युर्जताये, नासिका विसन्कुलक और अन्य उपचार के लिए निर्देशित किया जाता है।

KOLQ Tablet के साइड इफेक्ट क्या है?

KOLQ Tablet के कुछ मुख्य साइड इफेक्ट-

1- सुस्ती
2- धुंधली दृष्टि
3- ड्राई माउथ
4- लिवर की क्षति
5- एडिमा
6- आंख आना
7- कब्ज़
8- पीलिया
9- सिर दर्द
10- चक्कर आना

KOLQ Tablet के लाभ क्या है?

KOLQ Tablet के कुछ मुख्य लाभ-

1- पराजग ज्वर
2- बुखार
3- सिरदर्द
4- बंद नाक
5- गीली आंखें

KOLQ Tablet के प्रयोग-

KOLQ Tablet का प्रयोग निम्नलिखित बीमारियों, स्थितियों और लक्षणों के उपचार, नियंत्रण, रोकथाम और सुधार के लिए किया जाता है।

KOLQ Tablet की सावधानियां-

इस दवा का प्रयोग करने से पहले, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है।

1- इस दवा को लेते समय शराब और अन्य शामक औषधियों से परिवर्जन
2- इसे भोजन के साथ लें
3- इसे सोने के समय के बहुत करीब न लें
4- गर्भवती
5- तंबाकू का उपयोग करने और धूम्रपान से बचें
6- यंत्र चलाना या संचालित ना करें
7- यदि आप हर दिन शराबयुक्त पेय का सेवन करते हैं तो पेरासिटामोल न लें
8- स्तनपान

Milixim Tablet 200 क्या है ?

मिलिक्सीम 200 टैबलेटएंटीबायोटिक से संबंधित है जिसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।। यह रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट के इन्फेक्शंस में असरदार है (जैसे। न्यूमोनिया), यूरिनरी ट्रैक्ट, कान, नेज़ल साइनस, गले और कुछ यौन संचारित रोग।


मिलिक्सीम 200 टैबलेट को डॉक्टर या चिकित्सा कर्मिक के पर्यवेक्षण में दिया जाना चाहिए। इस्तेमाल इसे अपने डॉक्टर की पर्ची में निर्धारित समय के अनुसार नियमित रूप से बराबर अंतराल पर लें। रोज़ एक ही समय पर इस्तेमाल करने से आपको इसे लेना याद रहेगा। डोज़ इस बात पर निर्भर करेगी कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं, लेकिन आपको अपने डॉक्टर द्वारा बताए गए अनुसार इस एंटीबायोटिक का कोर्स हमेशा पूरा करना चाहिए। जब तक आप पूरा न कर लें, तब तक इसे लेना बंद न करें, भले ही आपको बेहतर महसूस होने लगा हो।। अगर आप इसे समय से पहले लेना बंद करते हैं, तो कुछ बैक्टीरिया जीवित रह सकते हैं और इन्फेक्शन वापस आ सकता है या बिगड़ सकता है। यह दवा फ्लू या सर्दी जैसे वायरल इन्फेक्शन के लिए काम नहीं करेगी। जरूरत न होने पर भी एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करने से यह भविष्य में होने वाले संक्रमण के लिए कम प्रभावी हो सकता है।

इस दवा के सबसे आम साइड इफेक्ट में मिचली आना , पेट में दर्द , अपच , और डायरिया (दस्त) शामिल हैं। ये आमतौर पर हल्का होता है लेकिन अगर वे आपको परेशान करते हैं या नहीं जाते हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं।

इसे लेने से पहले, अगर आप किसी भी एंटीबायोटिक के लिए एलर्जीक हैं या आपको किडनी या लिवर से संबंधित कोई समस्या है तो आपको अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताना चाहिए। आपको अपनी हेल्थकेयर टीम को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताना चाहिए जो आप ले रहे हैं क्योंकि क्योंकि इस दवा से उनका असर प्रभावित हो सकता है या वे इसके असर को प्रभावित कर सकती हैं। डॉक्टर की सलाह अनुसार आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान करना सुरक्षित माना जाता है।

Milixim Tablet 200 के दुष्प्रभाव क्या है?

मिलैक्सिम 200 टैबलेट का उपयोग करते समय निम्नलिखित दुष्प्रभाव आमतौर पर हो सकते हैं। यदि इनमें से कोई भी दुष्प्रभाव गंभीर रूप में प्रकट होता है या लंबे समय तक रहता है, आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए-

  1. उल्टी आना
  2. दस्त
  3. पेट दर्द
  4. पेट में गैस बनना
  5. बदहजमी
  6. मतली

Milixim Tablet 200 के इंटरेक्शन 

जब दो या दो से अधिक दवाएं एक साथ ली जाती हैं, तो यह दवाएं कैसे काम करती हैं वह बदल सकता है। साथ में दुष्प्रभाव का जोखिम भी बढ़ सकता है। चिकित्सा शब्दावली में इसे ड्रग-इंटरैक्शन कहा जाता है।

इस पृष्ठ में मिलैक्सिम 200 टैबलेट के सभी संभावित इंटरैक्शन नहीं हैं। अपने डॉक्टर और फार्मासिस्ट को आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली सभी दवाओं की एक सूची साझा करें। अपने डॉक्टर की मंजूरी के बिना किसी भी दवा की खुराक शुरू न करें, रोकें या बदलें।

Milixim Tablet 200 के लाभ क्या है?

मिलिक्सीम 200 टैबलेट एक एंटीबायोटिक दवा है जो आपके शरीर में इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारकर काम करती है।। यह अन्‍य के साथ-साथ फेफड़ों, गले और यूरिनरी ट्रैक्‍ट के बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के लिए असरदार है। यह दवा आमतौर पर आपको कुछ दिनों के अंदर बेहतर महसूस कराती है, लेकिन आपको इसे बताए गए अनुसार लेते रहना चाहिए, चाहे आप बेहतर महसूस कर रहे हों। समय से पहले बंद करने पर इंफेक्शन फिर से वापस आ सकता है और फिर इलाज करना और भी मुश्किल हो सकता है।

Milixim Tablet 200 को संग्रहित कैसे करे?

  1. कमरे के तापमान पर Milixim 200 Tablet को स्टोर करें।
  2. इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
  3. इस दवा को सीधी धूप (Direct Sunlight) से दूर रखें।

Milixim Tablet 200 की सावधानिया क्या है?

Milixim Tablet 200 की कुछ मुख्या सावधानिया-

  1. शराब: शराब के साथ Milixim 200 Tablet का उपयोग करने की सलाह नहीं दी जाती है।
  2. अतिसंवेदनशीलता: यदि आप सेफालोस्पोरिन एंटीबायोटिक के प्रति अतिसंवेदनशील (एलर्जिक) है, तो Milixim 200 Tablet का उपयोग करने से बचें।
  3. लीवर या किडनी रोग: Milixim 200 Tablet का उपयोग किसी भी लीवर या किडनी की बीमारी वाले रोगियों में सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।




Maxirich Capsule- विटामिन और मिनरल हमारी बॉडी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं। अगर विटामिन की कमी हो जाए तो हमें कई तरह के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। विटामिन कई तरह के होते हैं।


 कुछ फेट में घुलनशील तो कुछ पानी में .फेट में घुलनशील जैसे कि विटामिन ए ई और के और वाटर सुलुबल बिटामिन B12 B6, B12 और फोलिक एसिड इत्यादि 


यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी ज्यादा जरूरी होते हैं। इसके अलावा कुछ विटामिन आपके जोड़ों , नाखूनों और दिमाग के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं। 


इनमें से अगर किसी भी विटामिन की कमी हो जाए तो आपको कुछ नुकसान झेलने पड़ते हैं।अगर आपकी डाइट अच्छी नहीं है,आप फल या फ्रूट जूस नहीं पीते तो आपको मल्टीविटामिन जरूर लेना चाहिए या फिर अगर आप जिम जाते हैं, हार्ड वर्क करते हैं तब भी आपकी बॉडी में विटामिन की कमी हो सकती ह तब भी आपको कोई अच्छा सा मल्टीविटामिन लेना चाहिए। 

Maxirich Capsule क्या है?

Maxirich Capsule खून की कमी, गंजापन, मुहांसे, मधुमेह सम्बन्धी तंत्रिकाविकृति, पूरक, सफेद बाल, उच्च रक्तचाप, नेत्र समस्याएं, गर्भावस्था जटिलतायें, त्वचा रोगों और अन्य स्थितियों के उपचार के लिए निर्देशित किया जाता है।



Maxirich Capsule के फायदे-

मैक्सीरिच (MAXIRICH) विटामिन और मिनरल्स के बहुत ज्यादा फायदे हैं। 

1- इम्युनिटी अच्छी होती है।
2- त्वचा के लिए फायदेमंद
3- बालो के लिए फायदेमंद
4- खून बनाता है।
5- हड्डियों के लिए फायदेमंद
6- वजन घटाने में फायदेमंद
7- आंखों के लिए फायदेमंद
8- स्ट्रेस कम करता है।

Maxirich के साइड इफेक्ट क्या है?

निम्नलिखित उन संभावित दुष्प्रभावों की सूची है जो मैक्सिरिच कैप्सुल की सभी संयोजित सामग्रियों से हो सकते है। यह व्यापक सूची नहीं है। ये दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा नहीं होते हैं। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको निम्नलिखित में से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, और यदि ये समाप्त नहीं होते हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

1- अधिक प्यास
2- अत्यधिक गतिविधि
3- शुष्क मुँह
4- कब्ज़
5- बीमार महसूस करना
6- भूख में कमी
7- पेट में दर्द
8- उच्च रक्तचाप 

सावधानियां-

अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है।

1- अग्न्याशय की बीमारी
2- अज्ञातहेतुक कॉपर विष से उत्पन्न रोग
3- उच्च रक्तचाप की समस्या होना
4- उपचार के दौरान नियमित रूप से आंखों की जांच करें।
5- कैल्शियम का उच्च स्तर
6- अज्ञातहेतुक कॉपर विष से उत्पन्न रोग

Darolac capsule क्या है?

डैरोलेक कैप्सूल (darolac capsule in hindi) एक एंटीबायोटिक दवाई होती है। जिसका उपयोग दर्द निवारक के रूप में किया जाता है। इस टैबलेट का इस्तेमाल मुख्यतः दस्त,अपचन, तीव्र दस्त,आंत्र समस्याए, मूत्र मार्ग में समस्या,पेट में गड़बड़ी,एड्स,तीव्र दस्त, जोड़ो में दर्द आदि बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। आइए आज इस पोस्ट के माध्यम से जानते है की इस कैप्सूल (darolac capsule) का उपयोग कहाँ-कहाँ किया जाता है। इसके फायदे और नुकसान क्या है।

आंतो में छिद्र और एलर्जी के मामलों में इसके सेवन से पूरी तरह दूर बनानी आवश्यक हैं। इस कैप्सूल को Aristo Pharmaceuticals Pvt Ltd द्वारा निर्मित की जाती हैं।


Darolac कैप्सूल कैसे काम करता है?

Darolac शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया के कार्यों को मारने और दबाने से रोगी की स्थिति में सुधार करता है, यह अच्छे बैक्टीरिया की मौत को भी कम करता है और पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के अत्यधिक स्राव को कम करता है, यह पीएच को कम करता है और आंतों में लैक्टिक एसिड का उत्पादन करता है, इस प्रकार सूक्ष्म पोषक तत्वों और गैस्ट्रो आंतों के विनियमन के विनियमन में अवशोषण में मदद करता है।


Darolac capsule के दुष्प्रभाव/साइड इफेक्ट क्या है?

यह प्रोबियोटिक दवा बहुत प्रभावी है और शायद ही कभी कोई दुष्प्रभाव होता है। भले ही साइड इफेक्ट्स लगातार हल्के हों और ज्यादातर पाचन तंत्र से संबंधित हों। संभावित साइड इफेक्ट्स निम्नानुसार हैं-

1- गैस

2- सूजन और पेट की बेचैनी

3- गैस्ट्रो-आंत संक्रमण

4- सांस लेने में कठिनाई

5- चक्कर आना

6- केंद्रीय वीनस कैथेटर वाले मरीजों में कवक के अलग-अलग मामले।


Darolac के उपयोग और लाभ क्या है?


Darolac Capsule को निम्न अवस्था व विकार में डॉक्टर द्वारा रोगी को सलाह किया जाता है। Darolac Capsule का सेवन डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह बिना लिए ना करें।


1- आंत जीवों को सामान्य करता है

2- आंतों का उपकला

3- दस्त

4- खुजली

5- अपच

6- योनि में खमीर संक्रमण

7- कोलाइटिस

8- आंत्रशोथ

9- मूत्र मार्ग में संक्रमण

10- शिशुओं में साल्मोनेलोसिस

Darolac capsule की सावधानियां-

इस दवा का प्रयोग करने से पहले, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है-

1- गर्भवती, गर्भवती होने की योजना या स्तनपान।

2- गर्भवती, गर्भवती होने या स्तनपान कराने की योजना बना रही हैं।

3- नियमित रूप से रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करें।

4- निर्जलित बच्चे

5- बच्चे

6- लघु आंत्र सिंड्रोम या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली है।


Caripill Tablet क्या है?

कैरीपिल में कैरीका पपीता के पत्ते का सत्त (परिवार-कैरेसीएसीई) सक्रिय घटक के रूप में पाया जाता है| यह दो तरह से उपलब्ध है-

1- कैरिपिल टैबलेट – 1100 मि.ग्रा. कैरिका पपीटे के पत्तों का सत्त शामिल है|
2- कैरिपिल सिरप – इसमें प्रति 5 मि.ली. 275 मि.ग्रा. कैरिका पपीते के पत्तों का सत्त होता है|

Caripill Tablet कैसे कामई करता है?

कैरिपिल सिरप और कैरिपिल टैबलेट कारिका पपीया पत्ती के अर्क (एक्सट्रेक्ट) से बनाई जाती है। इसमें पैपेन प्रोटिओलिटिक (Papain proteolytic) घटक सक्रिय होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने वाले गैर-जीवित प्रोटीन होते हैं।

इसके सेवन से पाचन प्रक्रिया में सुधार आता है और कई मामूली रोग जैसे पेट की सूजन, पेट में दर्द व पेट में ऐंठन के इलाज में भी यह दवा मदद करती है। कैरिपिल में मौजूद सक्रिय घटक पपैनप्रोटिओलिटिक कार्बोहाइड्रेट्स, वसा और खासतौर से प्रोटीन को पचाने का काम करता है।

कैरिपिल सिरप व टैबलेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से डेंगू के कारण हुए थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (कम प्लेटलेट) को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस दवा में मौजूद प्रोटोलिटिक एंजाइम इंटरलेक्विन-6 में स्राव को सक्रिय कर शरीर में थ्रोम्बोपोएटिन (प्लेटलेट की गिनती) की वृद्धि में मदद करता है।

Caripill Tablet के उपयोग/फायदे क्या है?

कैरीपिल टैबलेट (कैरीका पपीता) आमतौर पर रक्त प्लेटलेट गिनती में सुधार के लिए प्रयोग किया जाता है लेकिन कई अन्य उपयोग होते हैं जहां इसे लिया जा सकता है-

1- डेंगू बुखार
2- चिकन गुनिया
3- पाचन
4- कम प्लेटलेट गणना
5- पेट सूजन
6- पेट का अल्सर
7- थ्रोम्बोसाईटोपेनिया
8- ऑक्सीडेटिव तनाव
9- रक्त क्लोटिंग में सुधार करता है।
10- जख्म भरना

यह एक गैर-संपूर्ण सूची है और कैरिपिल टैबलेट के अन्य उपयोग और लाभ भी हो सकते हैं। कृपया इस दवा को न लें क्योंकि किसी ने इसे इसी तरह के लक्षणों से लिया है। दवा का उपयोग करने से पहले कृपया एक चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श लें।

Caripill Tablet के दुष्प्रभाव क्या है?

कैरीपिल टैबलेट से जुड़े कुछ दुष्प्रभाव निम्न है-

1- मितली उल्टी
2- पेट में दर्द
3- जलन
4- एलर्जी की प्रतिक्रिया
5- गंभीर उनींदापन

जबकि कुछ लक्षण आम हो सकते हैं, कुछ दुर्लभ लक्षण हैं जैसे दिल की धड़कन को स्थानांतरित करने या धीमा करने में असमर्थता। अगर आपको उपरोक्त सूची में कोई लक्षण है (चाहे वह उल्लिखित है या नहीं), तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अतिरिक्त, अगर आपके पास धुंधलापन, सीने में दर्द या चकत्ते हैं तो डॉक्टर से परामर्श लें। उपर्युक्त सूची संपूर्ण नहीं हो सकती है और अगर आपके कोई अन्य लक्षण हैं तो कृपया रिपोर्ट करें। जब ये लंबे समय तक उपयोग करने के लिए प्रवण होते हैं तो ये लक्षण अधिक प्रमुख बन जाते हैं।

Caripill Tablet की सावधानियां/चेतावनी-

1- अगर आपको इसमें मौजूद सक्रिय घटक या अन्य पदार्थ से एलर्जी है तो इसकी जानकारी अपने डॉक्टर को जरूर दें और किसी अन्य विकल्प को चुनने का सुझाव दें।

2- प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान इस दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

3- इस दवा के सेवन से कई व्यक्ति इलाज की शुरुआत में ही ठीक होने लगते हैं और उन्हें लंबे समय तक इसका सेवन करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

4- कैरिपिल का सेवन डेंगू के लक्षण कम होने व प्लेटलेट काउंट के सामान्य होने तक करना चाहिए।

5- इसके अलावा किसी अन्य कारण प्लेटलेट काउंट में कमी आने पर डॉक्टर कैरिपिल के सेवन की सलाह दे सकते हैं।

Cipladine Ointment क्या है?

सिप्लैडाइन ऑइंटमेंट एक एंटीसेप्टिक और डिसइंफेक्‍टेंट एजेंट है। इसका इस्तेमाल घाव या कटने से होने वाले संक्रमण की रोकथाम में किया जाता है। यह हानिकारक रोगाणुओं को मारता है और उनकी वृद्धि को नियंत्रित करता है, जिससे प्रभावित हिस्से पर संक्रमण को रोका जा सके।

Cipladine Ointment के प्रयोग क्या है?

Cipladine Ointment का प्रयोग निम्नलिखित बीमारियों, स्थितियों और लक्षणों के उपचार, नियंत्रण, रोकथाम और सुधार के लिए किया जाता है।

1- जीर्ण घाव
2- घाव संक्रमण
3- घावों में संक्रमण
4- मामूली कटाव
5- खरोंच
6- योनि संक्रमण
7- जलन
8- छाले

Cipladine Ointment के दुष्प्रभाव/साइड इफेक्ट क्या है?

निम्नलिखित उन संभावित दुष्प्रभावों की सूची है जो Cipladine Ointment की सभी संयोजित सामग्रियों से हो सकते है। यह व्यापक सूची नहीं है। ये दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा नहीं होते हैं। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको निम्नलिखित में से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, और यदि ये समाप्त नहीं होते हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।


गर्भवती महिलाओं पर Cipladine Ointment का प्रभाव मध्यम होता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इस दवा का प्रभाव मध्यम है। इसके अतिरिक्त Cipladine Ointment का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Cipladine Ointment से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है।


अगर आपको पहले से ड्रग एलर्जी जैसी कोई समस्या है, तो Cipladine Ointment देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसी कुछ अन्य समस्याएं भी हैं, जीने बारे में नीचे बताया गया है। अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या है, तो Cipladine Ointment न लें।

साथ ही, Cipladine Ointment को कुछ दवाओं के साथ लेने से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। 

Cipladine Ointment की सावधानियां क्या है?

इस दवा का प्रयोग करने से पहले, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है।

1- इस दवा को मुँह से ना लें। इस दवा को खुले घाव, सूखी, या जलन वाली त्वचा पर इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

2- Cipladine Ointment को लगाने से पहले और बाद में अपने हाथों को धो लें। इलाज करे जाने वाले क्षेत्र को साफ़ करके सूखा लें।

3- Cipladine Ointment के इस्तेमाल के बाद इलाज क्षेत्र को ना धोएं। चिकित्सक के निर्देश के बिना इलाज क्षेत्र में अन्य उत्पादों का इस्तेमाल ना करें।

4- अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से पाइलिंग हो सकता है। पाइलिंग रोकने के लिए एक पतली परत या कम मात्रा में दवा का उपयोग करें।

5- इस दवा को आँख, मुँह या नाक में ना घुसने दें।


Buscogast क्या है?

बस्कोगास्ट एंटीस्पास्मोडिक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इसका इस्तेमाल पेट, यूरिनरी ब्लैडर और आंत की ऐंठन को दूर करने के लिए किया जाता है। इस दवा में ह्योसिन (hyoscine) एक्टिव इंग्रीडिएंट शामिल Uहोता है। कई बार यह अकेले तो कई बार दूसरी दवाइयों के साथ रिकमेंड की जाती है। इसकी खुराक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। यह दवाई गैस्टोइंटेस्टाइनल और यूरिनरी सिस्टम में कुछ मांसपेशियों को राहत पहुंचाने का काम करती है।

बस्कोगेस्ट टैबलेट का इस्तेमाल उलटी, मतली, पेट में दर्द और दर्दनाक माहवारी जैसे और भी बहुत सी बीमारियों में किया जाता है।

बस्कोगेस्ट टैबलेट का उपयोग इन बीमारियों में किया जाता है 

  1. चक्कर आना
  2. इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम
  3. पित्त संबंधी विकार
  4. सफर में तकलीफ
  5. आखों में सूजन
  6. सिंड्रोम
  7. गुर्दे के स्पैम


Buscogast की खुराक और उपयोग करने का तरीका-

यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Buscogast की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Buscogast की खुराक अलग हो सकती है।


Buscogast का इस्तेमाल कैसे करे-

  1. दवा का इस्तेमाल वैसे ही करें जैसे आपका चिकित्सक आपको रिकमेंड करे।
  2. दवा को लेने से पहले इसके लेबल पर लिखे जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
  3. आमतौर पर इस दवा की एक या दो टैबलेट दिन में तीन बार रिकमेंड की जाती है।
  4. दवा को चबाकर या पीसकर न लें। दवा को हमेशा एक गिलास पानी के साथ निगल कर लें।
  5. दवा के बेहतर परिणामों के लिए बेहतर होगा इसे रोजाना एक ही समय पर लें।


बस्कोगास्ट का इस्तेमाल करते वक्त आपको किसी तरह की परेशानी होती है या स्थिति पहले से खराब होती है तो इसकी जानकारी डॉक्टर को दें।


Buscogast के दुष्प्रभाव/साइड इफेक्ट-


निम्नलिखित उन संभावित दुष्प्रभावों की सूची है जो Buscogast टैबलेट / Tablet की सभी संयोजित सामग्रियों से हो सकते है। यह व्यापक सूची नहीं है। ये दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा नहीं होते हैं। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको निम्नलिखित में से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, और यदि ये समाप्त नहीं होते हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।


1- हृदय गति में परिवर्तन

2- मतली

3- प्रत्यूर्जतात्मक प्रतिक्रियाएँ

4- आंत को खाली करने में कठिनाई

5- मूत्र त्याग करने में कठिनाई

6- आंख में दबाव का बढ़ना या रोशनी की संवेदनशीलता

7- तन्द्रा

8- प्यास


Buscogast की सावधानियां-

इस दवा का प्रयोग करने से पहले, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, अनिर्देशित उत्पादों (जैसे: विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट आदि), एलर्जी, पहले से मौजूद बीमारियों, और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे: गर्भावस्था, आगामी सर्जरी आदि) के बारे में जानकारी प्रदान करें। कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियां आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार दवा का सेवन करें या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है या यदि आपकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है तो अपने चिकित्सक को बताएं। महत्वपूर्ण परामर्श बिंदुओं को नीचे सूचीबद्ध किया गया है।


1- यदि आप स्तनपान करा रहे हो तो हायोसिन लेने से बचें।

2- यंत्र चलाना या संचालित ना करें।

3- यदि आपको हृदय की समस्याएं जैसे दिल की विफलता या तेज़ दिल की दर, अतिरंजित थायरॉयड, बुखार, कब्ज या पेशाब करने में कठिनाई का इतिहास है तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें।


Buscogast को स्टोर कैसे करें?


स्टोर करके न रखें। सुरक्षा के लिहाज से बस्कोगास्ट को बच्चों और जानवरों की पहुंच से दूर रखें। दवा को स्टोर करने को लेकर उसके पैकेज पर लिखे जरूरी निर्देशों को अच्छे से पढ़े या फिर अपने फार्मासिस्ट से इसके बारे में पूछें।


बिना निर्देश के इस दवा को किसी नाले या टॉयलेट में फ्लश न करें। अगर दवा इस्तेमाल नहीं करनी या एक्सपायर हो गई है तो इसे सुरक्षित रूप से दवा को नष्ट करें।



वयस्को के लिए Buscogast के क्या डोज़ है?


1- दिन में इसकी दो टैबलेट चार बार रिकमेंड की जाती हैं।

2- इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के मरीजो डॉक्टर कम डोज (दिन में तीन बार) के साथ शुरुआत कर सकता है।

3-10 मिलीग्राम एक टैबलेट तीन बार रिकमेंड की जाती है।


हालांकि इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।


Buscogast किस रूप में आती है?


1- बस्कोगास्ट टैबलेट- 10 मिलीग्राम, 20 मिलीग्राम

2- बस्कोगास्ट इंजेक्शन


Nucoxia मेडिसिन 90mg क्या है?

नुकोसिया 90mg टैबलेट एक दर्द निवारक दवा है. इसका इस्तेमाल वात रोग और गठिया के विभिन्न प्रकारों से जुड़े मध्यम दर्द और जोड़ों की सूजन से राहत दिलाने के लिए किया जाता है. यह दर्द, लालिमा और सूजन को प्रभावी रूप से कम करता है।


यह मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जनकारी के आधार पर ही Nucoxia 90 Tablet की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक मरीज की समस्या और दवा देने के तरीके पर भी आधारित की जाती है।


Nucoxia medicine के दुष्प्रभाव-

  1. कब्ज
  2. दस्त
  3. गैस बनना
  4. मुँह में छाले
  5. कमजोरी
  6. थकान
  7. सरदर्द

Nucoxica Medicine के फायदे-

ऐसी बीमारी जिसमे इस दवा का उपयोग किया जाता है।

1- इस दवा को खाने से गठिया से पीड़ित लोगों को बहुत राहत पहुंचाती है।

2- अगर आपके जोड़ों में दर्द है तो आप इस दवा का इस्तेमाल कर सकते है।

3- Rheumatoid Arthritis जैसे समस्याओं में भी इस दवा को बहुत ही फायदेमंद माना गया है।

4- स्नायु दर्द जैसी बीमारियाँ भी इस दवा के सेवन ठीक हो सकता है।


Nucoxia Medicine 90mg की सावधानियां-

अगर आप Nucoxia mr 90 का सेवन करने जा रहे है। तो कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखकर इसका उपयोग करें अन्यथा परेशानी खड़ी हो सकती है ।कुछ निम्नलिखित बातें है जो इस प्रकार है।

1- ह्र दयके मरीजों को इस दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

2- अगर आप एलर्जिक है तो भी इस दवा के इस्तेमाल से परहेज करें।

3- पेप्टिक अल्सर के रोगियों को इस दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए।

4- लीवर की बिमारी की शिकायत है तो भी इस टबलेट का सेवन ना करें।

5- किसी रोगी को अगर Abdominal Pain की शिकायत है तो इस दवा को लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क कर ले।


यह साइक्लोऑक्सीजिनेज -2 (COX-2) दवाओं के विशिष्ट अवरोधक वर्ग से संबंधित है जो शरीर में दर्द पैदा करने वाले एंजाइम (COX-2) को अवरुद्ध करके दर्द और सूजन को कम करता है। यह दवा केवल तब निर्धारित की जाती है जब इसकी वैकल्पिक दवाओं ने उपचार में मदद नहीं की हो।

खुराक को कम रखा जाना चाहिए और इसे लंबे समय तक निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे आपको दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। यह 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं है। यह वयस्कों और बुजुर्ग लोगों पर अच्छा काम करता है।


प्याज भारत के हर घर की रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली सब्जी है जिसे कईं व्यंजनों में अपने स्वादानुसार उपयोग किया जाता है।


कईं लोग प्याज का सेवन तो करते हैं लेकिन इसके फायदे और इस्तेमाल के बारे में नहीं जानते। इसलिए हमने यह पोस्ट उन लोगों के लिए पब्लिश किया है जो प्याज़ से संबंधित कुछ तथ्यों में रुचि रखते हैं।

प्याज़ क्या है?

प्याज़ एक वनस्पति है जिसका कन्द सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। प्याज़ की सर्वाधिक पैदावार भारत के महाराष्ट्र में कई जाती है। भारत द्वारा कईं देशों में प्याज का निर्यात किया जाता है।

प्याज में एलाइल प्रोपाइल डाय सल्फाइड नामक तेल होता है जो इसके कन्द में मौजूद होता है। इसके कारण कच्चे प्याज़ का स्वाद थोड़ा तीखा होता है।

प्याज़ के इस्तेमाल सब्ज़ी, मसाले, अचार और सलाद के रूप में किया जाता है। प्याज़ को इन रूपों में इस्तेमाल करने से इसका स्वाद कईं अधिक बढ़ जाता है।

प्याज़ कितने प्रकार के होते हैं?

सामान्यतः प्याज़ की छह प्रजातियां भारत में पाई जाती है:
  1. मीठा प्याज़
  2. सफेद प्याज़
  3. हरी प्याज़
  4. लाल प्याज़
  5. जंगली प्याज़
  6. पीली प्याज़

प्याज़ को रात में खाने के फायदे

यदि प्याज़ का नियमित सेवन किया जाए तो इससे शरीर मे ब्लड प्रेशर की समस्या खत्म होती है। प्याज़ को रात में दो से तीन बार खाने से आप में विटामिन सी की कमी दूर होती है। यदि आपको चर्म रोग और आंखों से संबंधित संक्रमण हुआ है तो वह विटामिन सी की कमी हो सकती है। इसलिए यदि आप प्याज़ का सेवन करेंगे तो आपको राहत मिलेगी।

प्याज़ खाने से सीने में जलन क्यों होती है?

प्याज़ को औसतन खाना आपके लिए फायदेमंद है। लेकिन इसका अधिक सेवन शरीर को क्षति पहुंचा सकता है। प्याज़ में पोटैशियम होता है जो शरीर के कॉर्डियोलिवर को नुकसान पहुंचाता है, जिसके परिणामस्वरूप आपके सीने में जलन होने लगती। इस प्रकार की जलन से कईं गंभीर रोगों के उत्पन्न होने की संभावना होती है। इस प्रकार की किसी भी समस्या होने पर जल्द से जल्द उसका इलाज करें।

रोज़ाना खाली पेट प्याज़ का सेवन लाभदायक है

यदि आपकी उम्र 15 वर्ष से अधिक है तो आप इसका सेवन सुबह खाली पेट कर सकते हैं। आप इसका सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं किंतु ध्यान रहे प्याज़ कच्चा ही होना चाहिए। इसके खाली पेट सेवन से आपकी रोग प्रायिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और पाचन क्रिया तेज़ होती है।

पंच तुलसी ड्रॉप्स को पीने से कईं बीमारियां दूर होती हैं, जैसे सर्दी, खांसी, अपच, मानसिक तनाव और साँस की बदबू आदि। इसका प्रतिदिन इस्तेमाल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में फायदेमंद होता है।


पंच तुलसी (Pancha Tulsi) ड्रॉप्स क्या है?

पंच तुलसी ड्रॉप्स 18 जुलाई 2016 में Deltas Pharma द्वारा पेश किया गया एक प्रोडक्ट है। इसे 5 तुलसी की प्रजातियों को मिलाकर निर्मित किया गया है। इसकी 15ml की ड्रॉप 160 रुपये से लेकर 220 रुपये तक उपलब्ध है। यह एक दर्द निवारक दवा है जिससे कईं सामान्य रोगों को ठीक किया जाता है।

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इसके आलावा, पंच तुलसी टेबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। यदि आपको इसे पीने में किसी प्रकार की समस्या हो रही है तो आप इसे टेबलेट के रूप में भी ले सकते हैं।

पंच तुलसी टेबलेट के रूप में भी उपलब्ध है
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इन दोनों दवाओं का सेवन करने के पूर्व अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

पंच तुलसी ड्रॉप्स के फायदे (Pancha Tulsi Drops Benefits in Hindi)

  1. एंटी ऑक्ससिडेंट युक्त पंच तुलसी ड्रॉप्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद होता है।
  2. सर्दी, खांसी, सिरदर्द और कफ में राहत पहुंचाता है।
  3. त्वचा संक्रमण, लालिमा (त्वचा पर लाल चकत्ते) और चर्म रोग में उपयोगी।
  4. गले में दर्द को दूर करे।
  5. उल्टी और दस्त से छुटकारा दिलाये।
  6. चेहरे पर निखार लाये।
  7. मोटापा और ब्लड प्रेशर कम करे।
  8. पथरी के रोगियों के लिए आरामदायक।
  9. आँखों में दर्द की शिकायत को दूर करे।
  10. पाचन शक्ति को बढ़ाने में उपयुक्त।

मित्रों, पंच तुलसी ड्रॉप्स के और भी कईं फायदे हैं, जिन्हें मरीज डॉक्टर से जान सकते हैं। अब इसके कुछ नुकसान (Side Effect) के बारे जान लेते हैं।

पंच तुलसी ड्रॉप्स के नुकसान (Pancha Tulsi Side Effects in Hindi)

देखिये, वैसे तो इस दवा के कोई गंभीर नुकसान नहीं है, लेकिन इसमें पांच तुलसी की प्रजातियों का इस्तेमाल किया गया है जिनके अधिक सेवन व अनियमितता से कईं रोग पोषित हो सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए साइड इफेक्ट्स तुलसी के स्वाभाविक तत्वों और गुणों के आधार पर दिए गए हैं:

  • पंच तुलसी की तासीर गर्म है जिससे पेट में जलन, दर्द व अपच की समस्या हो सकती है।
  • इसके अधिक सेवन से खून पतला होने की सम्भावना प्रबल होती है।
  • यदि आपका ब्लड शुगर का इलाज चल रहा हो तब इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है।
  • इसके सेवन से प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन करने पर हानि हो सकती है। उचित यही होगा कि आप इसे डॉक्टर से पूछ कर लें।
  • सर्जरी के दौरान इसके सेवन से ब्लीडिंग अधिक होने का खतरा होता है।

पंच तुलसी ड्रॉप्स के अलावा कईं और ड्रॉप्स भी मार्किट में उपलब्ध है जैसे, Asclepius पंच तुलसी ड्रॉप्स, Keva पंच तुलसी ड्रॉप्स और पतंजलि पंच तुलसी ड्रॉप्स आदि।

दिव्य गोधन अर्क बहुत पुरानी आयुर्वेदिक औषधि है जो गोमूत्र (गाय के मूत्र) की अच्छाईयों से मिलकर बनती है। गोधन अर्क पेट संबंधित रोगों को कम करने में फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसके कईं और फायदे हैं जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। हमने इस आर्टिकल में इससे संबंधित कईं तथ्यों को साझा किया है। उन्हें जानने के लिए अंत तक जरूर पढ़ें।

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गोधन अर्क क्या है?

गोधन अर्क गोमूत्र द्वारा बनाई हुई एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे डायरिया, ब्लड प्रेशर, चर्म रोग अधिक वजन और पीलिया के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।

गोधन अर्क पीने के फायदे (लाभ)

  • लिवर और अमाशय संबंधित रोगों से मुक्ति दिलाने में फायदेमंद।
  • गोधन अर्क से मधुमेह पर नियंत्रण किया जा सकता है।
  • इसे किसी भी प्रकार के सामान्य कैंसर में उपयोग कर सकते हैं।
  • यह सिरदर्द, सर्दी, ज़ुकाम, खांसी और बुखार होने से बचाता है।
  • इसका सेवन वो लोग भी कर सकते हैं जो गोमूत्र नहीं पी सकते।
  • शरीर मे जकड़न, छाती में दर्द होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • गोधन अर्क शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी को दूर करता है, और इसे बढ़ाने में मदद करता है।
  • आप चाहें तो पतंजलि के दिव्य गोधन अर्क का सेवन भी कर सकते हैं। यह आपके लिए काफी लाभदायक हो सकता है।

क्या गोधन अर्क को रोज़ाना पीना सुरक्षित है?

चूंकि यह गोमूत्र से बना है तो इसके कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिल सकते। इसलिए गोधन अर्क को पीना सुरक्षित है। किंतु प्रत्येक व्यक्ति का शरीर अलग होता है और उसे कोई ओर बीमारी पहले से हो सकती है तो उस केस में इसे लेना सुरक्षित है या नहीं, यह कह पाना मुश्किल होगा। इसलिए हमारी राय यही है कि आप गोधन अर्क का सेवन करने के पूर्व अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से चर्चा करें।

गोधन अर्क को रोज़ाना कैसे लें?

गोधन अर्क को किसी चम्मच में 5ml तक निकालें और 50ml पानी में घोल लें, उसके बाद इसे पी जाएं। आप इसी तरीके से दिन में दो बार पी सकते हैं। ध्यान रहे, इसका स्वाद शायद आपको पसंद न आये, इसलिए इसे आराम से न पिएं। आप इसे एक ही सांस में जल्दी से जल्दी पी जाएं क्योंकि इसे टुकड़ों में पीना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। हमारी राय यही है कि इसे लेने के पूर्व डॉक्टर का परामर्श अवश्य लें।

पतंजलि दिव्य गोधन अर्क का मूल्य (Price)

पतंजलि के दिव्य गोधन अर्क के 450ml के चार पैक होते हैं जो ₹195 रुपये में मिल जाएंगे। यह लगभग 1800ml का होता है। आप इसे अमेज़न से खरीद सकते हैं।

गोधन अर्क के बारे में और अधिक जानने के लिए कमेंट करें, आज के लिए इतना ही। मिलते हैं अगली एक और नई योजना के साथ। तब तक अपना ध्यान रखिये सुरक्षित रहिये और अपने परिवार का खयाल रखिये।
राहु को कैसे खुश करें। राहु को खुश करने के अचूक उपाय कौन से हैं। यदि राहु आपके कुंडली पर बने हुए हैं तो ऐसे में उन्हें दूर कैसे करें। राहु की दशा को दूर करने के लिए कौन से उपाय लाभकारी हो सकते हैं। इन्हीं सभी प्रश्नों का उत्तर हम आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से देने जा रहे हैं।

राहु को खुश करने के उपाय

राहु को खुश करने से पहले यह जानना बहुत जरुरी है कि आखिर राहु की दशा क्या होती है और इसके कौन - कौन से लक्षण होते हैं।

राहु क्या है?

पुराणों के अनुसार, असुर और देवताओं के द्वारा समुद्र मंथन किया गया था। जिसमें कईं सारे अमृत्व रत्नों की प्राप्ति हुई थी। जिन्हें ब्रह्म देव द्वारा असुर और देवताओं में विभाजित किया गया। अंत में ब्रह्म देव द्वारा अमृत देवताओं को सौंपा गया। जिससे कुछ असुरों को भेद भाव होने की आशंका हुई। जिसके चलते उन्होंने धोखे से अमृत को चुरा लिया और वहां से प्रस्थान कर गए।

अमृत को असुरों से पुनर्प्राप्त करने के लिए नारायण (विष्णु देव) ने मोहिनी रूप धारण किया और असुरों से अमृत प्राप्त कर लिया। उसके बाद असुरों के इस कृत्य के कारण यह निर्णय लिया गया कि देवताओं को सर्वप्रथम अमृत ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। नारायण ने स्वयं अपने हाथों से अमृत ग्रहण करवाने का कार्य आरम्भ किया।

किन्तु कुछ असुरों को संदेह था कि अमृत उन्हें मिलेगा या नहीं। इस हेतु उन्होंने देवताओं का वेश धारण किया और अमृत ग्रहण करने का छल किया। लेकिन जैसे ही असुर स्वर्भानु की बारी आयी तब सूर्य और चंद्र देव ने स्वर्भानु को पहचान लिया और नारायण को सचेत कर दिया । किन्तु तब तक असुर स्वर्भानु अमृत ग्रहण कर चूका था।

लेकिन अमृत उसके गले से नीचे जा पाता उससे पहले,

नारायण ने अपने सुदर्शन चक्र से स्वर्भानु का शीश धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद महादेव ने कटे हुए सिर और धड़ को नामांकित किया, जिन्हें राहु (कटा हुआ सिर) और केतु (धड़) कहा जाता हैं।

राहु की दशा क्या है?

राहु की दशा, जिस व्यक्ति की कुंडली पर पड़ जाती है उस व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट होने लग जाती है। उस व्यक्ति को अपने जीवन में काफी कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहु की दशा व्यक्ति के मानसिक एकाग्रता को भांग कर देती है, जिससे वो गलत निर्णय लेता है और स्वयं को नुकसान पहुँचाने लगता है।

राहु की दशा को पहचानने के लक्षण: -

  1. मानसिक तनाव
  2. आर्थिक नुकसान
  3. शारीरिक व्याधियां
  4. गलतफहमियां
  5. चिड़चिड़ापन
  6. जल्दी से क्रोधित हो जाना
  7. कुवाक्य का प्रयोग करना
  8. नाख़ून का अपने आप टूटना
  9. नशा करना
  10. जुआ खेलना

यदि आप इन सभी लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं तो आपको राहु को प्रसन्न करना होगा, जिससे आपको राहु किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचा सके। राहु को खुश करने के लिए हमने कुछ अचूक उपाय साझा किये हैं जिनका अनुसरण कर आप राहु को खुश कर सकते हैं।

राहु को खुश करने के अचूक उपाय

  • राहु को खुश करने के लिए सुबह राहु मन्त्र का जाप करें।
  • उबले हुए जल का सेवन करें।
  • ताज़ा खाना खाएं।
  • रोज़ाना एक नियमित समय पर स्नान करें।
  • चन्दन का उपयोग करें, आप चाहें तो चन्दन का टीका भी लगा सकते हैं, इससे राहु खुश होते हैं।
  • ज़्यादा बड़े बाल न रखें।
  • कानों को साफ़, नाखूनों को छूटा रखें।
  • मच्छर और मक्खियों को घर में न आने दें।
  • मवेशियों और गली के कुत्तों को खाना खिलाएं।
  • लम्बी यात्रा न करें।
  • दारु, गुटखा और तम्बाकू जैसे नशीले पदार्थों का सेवन न करें। इससे राहु का प्रभाव अधिक होता है।
  • जुए और सट्टे से दूर रहें।
  • भगवान शिव और उनके गले पर विद्यमान शेषनाग (वासुकि) की आराधना करें, इससे राहु का प्रभाव काम होगा।
  • हो सके तो सुबह योग अभ्यास करें।

राहु दशा में पूछे जाने वाले सवाल - FAQ

राहु कौन है?

राहु स्वर्भानु के कटे हुए सिर का नाम है। राहु एक असुर है।

राहु की दशा की अवधि कितनी होती है?

राहु की दशा की अवधि 18 वर्ष होती है।

राहु की दशा में कौन से कारक होते हैं?

राहु की दशा में झूठ, जुआ, नशा, ईर्ष्या, लालच, आर्थिक नुकसान और संक्रमण जैसे कारक होते हैं।

क्या राहु व्यक्ति को उत्साही बनाता है?

जी हाँ, राहु की दशा में व्यक्ति कम समय में अति-उत्साही हो जाता है और इसी उत्साह के चलते वह अपना नुकसान कर बैठता है।

राहु के घर में प्रवेश करने पर क्या होता है?

राहु के घर में प्रवेश करने पर घर के सीवर लाइन में समस्या होने लगती है।

क्या राहु स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?

जी नहीं, राहु एक विषधारी सर्प है इसलिए वह आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। यह आपको हानि पहुंचा सकता है।

राहु की दशा में कौन से रोगों की उत्पत्ति होती है?

राहु की दशा में पेट ख़राब होना, दस्त और सिरदर्द जैसे रोगों की उत्पत्ति होती है।